Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भूकंपीय गतिविधि से भूकंप के खतरे को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं।

    अक्टूबर 19, 2026

    COP17 शिखर सम्मेलन से पहले वैश्विक नेताओं के अभिसरण के कारण जैव विविधता खतरे में है

    अक्टूबर 17, 2026

    ब्रेंट ऑयल की कीमत मई के बाद पहली बार 110 डॉलर तक पहुंची।

    अक्टूबर 17, 2026
    दैनिक जनसत्तादैनिक जनसत्ता
    • ऑटोमोटिव
    • व्यापार
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • जीवन शैली
    • विलासिता
    • समाचार
    • खेल
    • तकनीकी
    • यात्रा
    • संपादकीय
    दैनिक जनसत्तादैनिक जनसत्ता
    मुखपृष्ठ » जीवन की पहली प्राथमिकता: पहला सुख निरोगी काया
    स्वास्थ्य

    जीवन की पहली प्राथमिकता: पहला सुख निरोगी काया

    जून 29, 2023
    Facebook WhatsApp Telegram Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Reddit VKontakte

    लेखिका – प्रतिभा राजगुरु

    संस्कृति के सूत्रपात के दिनों से ही, भारतीय समाज में “पहला सुख निरोगी काया” कहावत बहुत ही लोकप्रिय रही है। इसका मूल भाव यह है कि सभी सुखों की आधारभूत शर्त है स्वस्थ शरीर और तंदुरुस्ती। शायद ही कोई भी जीवन की ऐसी यात्रा हो जिसमें स्वास्थ्य की महत्ता का बोध न हो।

    एक स्वस्थ शरीर के बिना, चाहे जीवन में कितनी भी संपत्ति, यश और मानसिक आनंद क्यों न हो, वे सभी अधूरे ही रहते हैं। एक बीमार शरीर स्वतंत्रता को सीमित करता है, जीवन के सभी आनंदों को छोटा करता है और हमारी संवेदनाओं और क्षमताओं को प्रभावित करता है। अतः, स्वस्थ शरीर ही जीवन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होना चाहिए।

    यह सत्य है कि स्वास्थ्य ही धन है। यह हमें उर्जा, सुरक्षा और स्वतंत्रता देता है, जो हमें जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता दिलाने में मदद करता है। हमें स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने की जरूरत है, जिसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य शामिल हैं।

    हमें यह भी समझना चाहिए कि जीवन में स्वास्थ्य की महत्ता को बढ़ावा देने के लिए हमें समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की जरूरत है। हमें अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्यवर्धक क्रियाएँ अपनाने की और लोगों को प्रेरित करने की आवश्यकता है।

    संदेह के बिना, “पहला सुख निरोगी काया” के माध्यम से हमें अपने शरीर की देखभाल करने और स्वास्थ्य को हमारी जीवन शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की आवश्यकता को समझाने का संदेश मिलता है। एक स्वस्थ शरीर ही हमें जीवन के विभिन्न पहलुओं का पूरा आनंद लेने की क्षमता देता है, जो हमारे जीवन को पूरी तरह से समृद्ध बनाता है।

    आजकल के व्यस्त जीवन में, हम स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने की भूल कर देते हैं। हम अक्सर अपने काम में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि हमें अपनी सेहत की चिंता करने का समय ही नहीं मिलता। ऐसे में “पहला सुख निरोगी काया” हमें याद दिलाती है कि बिना स्वस्थ्य के, हमारी सभी उपलब्धियां और धन व्यर्थ हो सकते हैं।

    हमारी स्वास्थ्य आदतें और जीवनशैली न केवल हमारे वर्तमान बल्कि भविष्य की सेहत पर भी प्रभाव डालती हैं। इसलिए, हमें स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और प्रशांत मन से हम अपने शरीर और मन को स्वस्थ रख सकते हैं।

    अंततः, “पहला सुख निरोगी काया” हमें यह बताती है कि स्वास्थ्य ही हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है। यदि हम स्वस्थ हैं, तो हम किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम होते हैं, जीवन के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, और जीवन की हर खुशी का आनंद लेने में समर्थ होते हैं। इसलिए, हमें स्वास्थ्य को हमारी प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने जीवन को पूरी तरह से जी सकें।

    संबंधित पोस्ट

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उभरते स्वास्थ्य खतरों के लिए वैश्विक 24 घंटे का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    अक्टूबर 14, 2026

    यूरोपीय संघ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 170 मिलियन यूरो के निवेश की घोषणा की।

    अक्टूबर 11, 2026

    वयस्कों में साइलियम के सेवन से ग्लूकोज नियंत्रण में सुधार हो सकता है।

    अक्टूबर 7, 2026
    संपादक की पसंद

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भूकंपीय गतिविधि से भूकंप के खतरे को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं।

    अक्टूबर 19, 2026

    COP17 शिखर सम्मेलन से पहले वैश्विक नेताओं के अभिसरण के कारण जैव विविधता खतरे में है

    अक्टूबर 17, 2026

    ब्रेंट ऑयल की कीमत मई के बाद पहली बार 110 डॉलर तक पहुंची।

    अक्टूबर 17, 2026

    सैमसंग ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए मेमोरी सॉल्यूशंस को उन्नत किया।

    अक्टूबर 16, 2026

    मिस्र से प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजी गई धनराशि में 27.2% की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 33.9 अरब डॉलर हो गई।

    अक्टूबर 16, 2026

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उभरते स्वास्थ्य खतरों के लिए वैश्विक 24 घंटे का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    अक्टूबर 14, 2026

    जटिल कार्यों के लिए नए म्यूज वंडर मॉडल के साथ मेटा ने एआई क्षमताओं को बढ़ाया

    अक्टूबर 13, 2026

    राहत प्रयासों और पुनर्निर्माण की प्रगति के साथ थाईलैंड में आई बाढ़ का आर्थिक प्रभाव

    अक्टूबर 13, 2026
    © 2023 दैनिक जनसत्ता | सर्वाधिकार सुरक्षित
    • होमपेज
    • संपर्क करें

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.